बड़ा गजब का ये समय है...

एक ग्रहिणी को करनी है नौकरी,
और नौकरी वाले को करना है व्यापार,
एक व्यापारी को लिखनी है किताब,
और एक लेखक को घूमना है संसार,
एक यात्री को सन्यासी बनना है,
और सन्यासी को बनना है नेता,
कोई अपने आप में खुश नहीं है,
मुखौटा लगा के बने है सब अभिनेता!

व्यक्तिवाद के दौर में,
तुम समाज को खुश किए जा रहे हो,
तुम हो कुछ अलग,
पर ज़िंदगी किसी और की जिए जा रहे हो?

We're living in a very strange time...

A homemaker wants to do a job,
An Employee wants to build a business,
A businessman wants to write a book,
A writer wants to roam the world,
A traveler wants to become a monk,
A Monk wants to become a politician,
No one is happy with himself,
Everyone is wearing a mask and acting else!

In the era of individualism,
Why are you trying to please society?
You are a different person,
Don't live a life of different variety?

बड़ा गजब का समय

Very Strange Time...