कभी-2 कुछ करने का मन नहीं करता,
तो निकाल जाता हूँ सैर पर !
और खो जाता हूँ अपने खयालों में,
मन ढूँढने लगता है जवाब अपने सवालों के !
इसी उधेड़बुन में...
मैं और मन दोनों दूर निकल जाते है !
कुछ सवालों के जवाब तो मिल जाते है,
और कुछ यूँ ही रह जाते है !
जब वापिस घर आता हूँ,
तो अपने आप को शांत पाता हूँ !
सोचता हूँ...
मैं रोज सैर को क्यों नहीं जाता हूँ ?
When I don't feel like doing anything,
Then, I go out for a walk!
I get lost in my thoughts,
And find some of the answers sought!
In this confusion...
Both I and my mind go far away!
Some questions get answered,
But some remain as were they!
When I come back home,
I find myself at peace and quiet!
I thought...
Why don't I go for a walk every day or night?